मगरमच्छ से जुड़ी रोचक जानकारी

मगरमच्छ से जुड़ी रोचक जानकारी – Hindi Me Jane

मगरमच्छ से जुड़ी रोचक जानकारी – नमस्कार दोस्तों कैसे हैं सभीव?  मैं आप सभी का एक बार फिर से स्वागत करता हूं हमारे इस बिल्कुल नए आर्टिकल पर जहां आज हम आपको मगरमच्छ से जुड़ी हैरतअंगेज जानकारी देंगे । दोस्तों अगर आपको भी जानवरों के बारे में जानने का शौख है तो आप हमारा यह आर्टिकल जरूर पढ़िए।

दोस्त मगरमच्छ तो आप सभी ने कभी ना कभी जरूर देखा होगा । यह देखने में बहुत ही डरावना दिखाया जाता है । मगरमच्छ एक स्तनधारी प्राणी है यह मांस खाता है । धरती पर जितने भी जीव पाए जाते हैं उनमें से मगरमच्छ बहुत ही प्राचीन जीव है।

अगर बात मगरमच्छ  की उत्पत्ति की करें तो इसकी उत्पत्ति डायनासोर के जमाने में हूई थी जिसकी उम्र लगभग 240 मिलियन वर्ष पुरानी है।  मगरमच्छ आपको नदी, दलदली स्थानों पर आसानी से देखने को मिलेंगे । मगरमच्छ के शारीरिक बनावट की बात करें तो मगरमच्छ के मुंह में 24 दांत होते हैं । मगरमच्छ के शरीर का सबसे मजबूत हिस्सा उसका का जबड़ा होता है।

मगरमच्छ अगर कभी आपको पकड़ ले तो मैं आपको सलाह दूंगा कि आप अंगूठे से उसकी आंखों को दबाएं ।  उसकी आंखें उसके शरीर कमजोर हिस्सा होती है जिससे वह आपको जरूर छोड़ देगा । मगरमच्छ की आंखें बहुत ही सुंदर होती है रात में हीरे की तरह चमकती है और लाल दिखाई देती हैं । मगरमच्छ आपको पानी में स्पष्ट रूप में दिखाई दे सकता है । यह अपने शिकार को दूर से देख लेता है।  इसके सुनने की क्षमता बहुत ज्यादा होती है।

मगरमच्छ से जुड़ी अन्य बातें

मगरमच्छ का पेट बहुत ज्यादा अम्लीय होता है । इसी वजह से मगरमच्छ शिकार को सींग और खुर समेत निगल जाता है उसके पेट में यह सभी पच जाते हैं।

मगरमच्छ के सबसे छोटी प्रजाति  मगरमच्छ है इसकी लंबाई की बात करें तो यह 6 फिट का होता है और इसका वजन लगभग 40 किलो का है ।

मगरमच्छ के समूह की मादा मगरमच्छ जमीन में घोसले बनाती है उसमें अंडा भी देती है और बाद में उनको मिट्टी से दबा देती है । जब अंडों से बच्चे निकलते हैं तो बच्चे आवाज निकालते हैं।  इसी आवाज को सुनकर मादा मगरमच्छ वापस जमीन खोदकर बच्चों के बाहर निकाल लेती है।

मगरमच्छों की औसत उम्र 30 वर्ष से 80 वर्ष की होती है लेकिन 99 परसेंट मगरमच्छ मात्र 1 वर्ष की उम्र में ही शिकार हो जाते हैं क्योंकि बड़ी मछलियां और शिकारी उनका शिकार कर लेती हैं।

जो मगरमच्छ खारे पानी में पाए जाते हैं वह बहुत बड़े आकार के तथा बड़ी वजन के होते हैं।  इनको साल्टवॉटर क्रोकोडाइल के नाम से जाना जाता है। इनकी लंबाई 10 फुट से 100 फुट तक होती है तथा इनका वजन कम से कम 1 कुंटल से 8 क्विंटल तक हो सकता है।

सबसे हैरानी की बात या है कि मगरमच्छ के लिंग का निर्धारण जब वह अंडे में होता है तब हो जाता है। यह तापमान पर निर्भर करता है ।अगर तापमान 31 डिग्री सेंटीग्रेड होता है तो नर मगरमच्छ पैदा होता है अगर तापमान कम ज्यादा हो गया तो मादा मगरमच्छ पैदा होती है।

मगरमच्छ से जुड़े अन्य रोचक जानकारी

दोस्तों ऐसा कहा जाता है कि मगरमच्छ जिस समय शिकार करते हैं उस समय इनकी आंखों से आंसू आते हैं और यह रोते हैं। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि जब यह शिकार करें तो आसपास की वायु इनके शरीर में चली जाए । मगरमच्छ के अंदर पानी में भी अपना मुंह खोलने की क्षमता होती है यह वायु इकट्ठी कर लेते हैं और पानी के अंदर सांस लेते रहते हैं । क्योंकि इनके गले में एक तरह का वाल्व होता  है यह पानी में सांस लेने में इनकी सहायता करता है।  मगरमच्छ का जबड़ा वी आकार का होता है इसीलिए जब अपना मुंह बंद करते हैं तब भी उनके दांत आसानी से दिखाई देते हैं।

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दोस्तों मगर मच्छ कभी भी अपने शिकार के पीछे नहीं जाते हैं बल्कि वह एक जगह शांत लेट कर अपने शिकार के आने का इंतजार करते हैं ।मगरमच्छ के पास बहुत ज्यादा दिमाग पाया जाता है ।

इसीलिए यह पानी पर नजर रखते हैं और जैसे ही कोई छोटी सी हरकत होती है उसको भाप लेते हैं और शिकार पर हमला कर देते हैं।  मगरमच्छ का शिकार बहुत ज्यादा किया जाता है क्योंकि मगरमच्छ के शरीर में खाल और उनके दांत बहुत महंगे होते हैं इसी वजह से शिकारी इनको मार देते हैं।

निष्कर्ष

दोस्तों यह आपके लिए मगरमच्छों से जुड़ी मजेदार जानकारी थी।  हमें उम्मीद है जानकारी आपको पसंद आई होगी।  इसी तरह की अन्य जानकारी पाने के लिए आप हमारे साथ बने रहिए बहुत-बहुत धन्यवाद मगरमच्छ से जुड़ी रोचक जानकारी।